एक रात हिम्मत हुई और मैंने कह दिया धड़कने कुछ कह रही कर गौर मैंने कह दिया मेरे हाँ पे हाँ हो गई वो मेरी दुनिया हो गई धड़कने तेरी हुई तू शिरमौर मैंने कह दिया
कुछ मेरे भीतर था जिंदा जो बचपन जैसा था एक रात ऐसा डर आया खुद से लड़ना छोड़ दिया है हाँ! मैंने कविता पढ़ना छोड़ दिया है सपनों की सच्चाई देखी देखा टूटें अरमानों को प्रतिभा के माथे चढ़ चढ़ कर मन का मढ़ना छोड़ दिया है हाँ! मैंने कविता पढ़ना छोड़ दिया है छोड़ सके तो, छोड़ मैं देता कागज कलम सिहाई को लत अपनी ये तोड़ न पाया भाव मैं गढ़ना छोड़ न पाया पर हाँ! मैंने कविता पढ़ना छोड़ दिया है # Sainiऊवाच
वो पूछते है कविताओं में क्या है पैसे है ईनाम है या नाम है बहुत रोटी मिलेगी घर चलेगा चूल्हा जलेगा भूख मिटाएगी कविता या प्यास बूझाएगी कविता प्रेयसी के लिए तोहफे मे क्या लाएगी कविता मैं मानता हूँ ये रोटी, दाल नहीं देगी तन पे कपड़ा पसीना पोछने को रुमाल नहीं देगी वैसे तो मैं भी कमा लेता हूँ चार पैसे दौड़ता हूँ खटता हूँ धूल खाता हूँ बरसात भीगता हूँ दुनिया समझती है मशीन मुझे सुबह मशीन बन पेट की खातिर ईंधन जुटाता हूँ रात कविता करता हूँ इंसान हो जाता हूँ जैसे तन के लिए रोटी सुविधा है मन के लिए कविता है : शशिप्रकाश सैनी //मेरा पहला काव्य संग्रह सामर्थ्य यहाँ Free ebook में उपलब्ध Click Here //
मैं बैकबेंचर रहा हूँ और हमेशा रहूँगा ! कितनी ही बार खदेड़ा गया हूँ पहली बेंच पे पर लौट आता हूँ दूर क्लास के कोलाहल से शांति की तलाश में बुद्ध हूँ जैसे एक अश्वमेध चल रहा है मुझमें सोच के घोड़े चारों दिशाओं में दौड़ा रहा हूँ पीछे बैठा हूँ, पर पीछे नहीं हूँ अपनी एक अलग ही दुनिया बना रहा हूँ पीछे बैठा हूँ, पर पीछे नहीं हूँ कभी शोर का संगीत सुन लेता हूँ कभी अपने मन की चुप्पी सारे कोलाहल पे बुन देता हूँ जब तीसरी आँख खोलता हूँ तांडव कागजों पर ऊकेर देता हूँ पीछे बैठा हूँ, पर पीछे नहीं हूँ आज भी ज़िंदगी में थोड़ा सा पीछे बैठता हूँ दुनिया के दाँव पेंच से परे अपनी ही मौज में चहकता हूँ हाँ, मैं बैकबेंचर रहा हूँ ! : शशिप्रकाश सैनी
बहुत ज़रूरी है इजहारे प्यार.....
ReplyDeleteअच्छा किया कह दिया :-)
अनु
umda..somehow d translater dint work ..shimsore ka mutlab nahin anti main thoda guess work kiya :)
ReplyDeleteFirst-class...!!Confessing is not an easy thing to do by any stretch of the imagination. Well done, Shashi..!!
ReplyDeleteधन्यवाद अनु जी, अल्का जी , पांचाली जी
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